Jeevan Prakash Yojana

जिसने दिए है, हजारों लोगों को सुख और सहयोग के सुनहरे पल। शिक्षा हो या आपात स्थिति, असाध्य बीमारी हो या विपदा में पड़ गया जीवन। जीवन प्रकाश योजना ने अपना यथा नाम तथा गुण सार्थक किया है।
जैन कॉन्फ्रेंस का लक्ष्य सेवा ही रहता आया है। ये अलग विषय है कि इसका योजनाबद्ध प्रकल्प लम्बे समय पश्चात् सामने आया, किन्तु जैन कॉन्फ्रेंस की सभाओं में पारित प्रस्ताव एवं समय-समय पर दी गई सहायताएं इस बात का साक्षी है कि चाहे धार्मिक पाठशालाएं खोलना हो या छात्रों को आवास-निवास छात्रावास या छात्रवृत्ति की बात हो, जैन कॉन्फ्रेंस ने उल्लेखनीय कार्य किया है।
जीवन प्रकाश योजना के प्रति जन सहयोग प्राप्त करने एवं उतने ही पारदर्शी ढंग से किए गए वितरण के तहत जीवन प्रकाश योजना में जैन समाज की रूचि जागृत करने का प्रयास हम सभी को करना चाहिए। हम सभी के प्रयासों से ही हर उस जरुरतमंद छात्र-छात्राएं एवं शारिरिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर बीमार व्यक्ति की सेवा की जा सकती है।
प्रत्येक वर्ष जैन कॉन्फ्रेंस के द्वारा छात्र-छात्राओं की शिक्षा एवं बीमारग्रस्त जरुरतमंदों की चिकित्सा हेतु लाखों रुपये की धनराशि आवश्यकता के अनुसार प्रदान प्रदान की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि कोई जैन भी छात्र-छात्राएं आर्थिक तंगी के कारण अपनी शिक्षा पूर्ण करने से वंचित न रह जाएं। पढ़ेगा, लिखेगा इंडिया – तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया।
वहीं कोई जैन महिला / पुरुष, बच्चे बीमारग्रस्त जरुरतमंद आर्थिक तंगी के कारण सही ईलाज न मिल पाने से बीमार ही रहे, ऐसा भी हम नहीं होने देंगे, यह भी हमारा संकल्प है।
‘जीवन प्रकाश योजना’ के माध्यम से हर खुशी के मौके पर समाज का समर्थ वर्ग अपनी खुशी के पलों को अपने ही भाईयों में बांटकर आशा की रोशनी से भर रहा है। जैन कॉन्फ्रेंस की इस गौरवशाली योजना में आधार स्तम्भ बनने के लिए रुपये 51,000/- प्रमुख आधार बनने के लिए रुपये 1,01,000/- तथा संरक्षक बनने के लिए रुपये 2,51,000 देकर आप भी कर सकते हैं, कई अंधेरी जिन्दगियों में उजाले की रोशनी। सबका सहयोग, सबका योगदान सादर आमंत्रित है। हम ऐसे दानदाताओं का परिचय हमारी लोकप्रिय पत्रिका जैन प्रकाश में फोटो सहित प्रकाशित भी करते हैं।