चातुर्मास काल में 75,000 विशेष मुखवस्त्रिकाओं का कवर सहित वितरण
श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में समाज में जनजागरण, संगठनात्मक एकता एवं अमृत महोत्सव के संदेश के व्यापक प्रसार के उद्देश्य से '75,000 विशेष मुखवस्त्रिकाएँ (कवर सहित)' तैयार की गई हैं। आकर्षक स्वरूप में निर्मित इन मुखवस्त्रिकाओं पर अमृत महोत्सव का आधिकारिक लोगो, प्रेरक संदेश तथा श्री ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस की पहचान अंकित की गई है, जिससे प्रत्येक वितरण समाज में इस ऐतिहासिक अभियान का संदेशवाहक बन सके।
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इन विशेष मुखवस्त्रिकाओं का वितरण देशभर में आयोजित होने वाले 'चातुर्मास काल' के दौरान संत-साध्वी भगवंतों
के पावन सान्निध्य में किया गया है। प्रवचन सभाओं, धर्मसभाओं, स्वाध्याय कार्यक्रमों, महिला एवं युवा सम्मेलनों
तथा विभिन्न धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को इनका वितरण कर अमृत महोत्सव वर्ष से अधिकाधिक
समाजजनों को जोड़ा गया है।
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मुखवस्त्रिका जैन परम्परा में संयम, शुचिता और अहिंसा का प्रतीक है। अमृत महोत्सव के अवसर पर इसका यह विशेष संस्करण केवल उपयोगी सामग्री नहीं, बल्कि श्रमण संस्कृति के मूल्यों और संघीय एकता का प्रेरक संदेश लेकर प्रत्येक परिवार तक पहुँचा है। इसके साथ प्रदान किये गए विशेष कवर ने इस स्मृति को और अधिक गरिमामय एवं संग्रहणीय बना दिया है।
यह वितरण अमृत महोत्सव के राष्ट्रीय जनसंपर्क अभियान का एक महत्वपूर्ण अंग है। प्रत्येक मुखवस्त्रिका समाज को यह प्रेरणा देगी कि धर्म केवल आचरण का विषय नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, समर्पण और संगठन के माध्यम से जीवन में उतरने वाली सतत् साधना है।