75,000 विशेष मुखवस्त्रिका एवं कवर का वितरण
75,000 मुखवस्त्रिका एवं कवर का वितरण तथा घर-घर अमृत संदेश। श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में समाज में जनजागरण, संगठनात्मक एकता एवं अमृत महोत्सव के संदेश के व्यापक प्रसार के उद्देश्य से '75,000 विशेष मुखवस्त्रिकाएँ (कवर सहित)' तैयार की गई हैं। आकर्षक स्वरूप में निर्मित इन मुखवस्त्रिकाओं पर अमृत महोत्सव का आधिकारिक लोगो, प्रेरक संदेश तथा श्री ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस की पहचान अंकित की गई है, जिससे प्रत्येक वितरण समाज में इस ऐतिहासिक अभियान का संदेशवाहक बन सके।
12 जुलाई 2026शिवाचार्य 85वां प्रकाशोत्सव
शिवाचार्य के 85वें प्रकाशोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब- सादड़ी (गुजरात) : आस्थावानों, साधकों, श्रावकों, श्रमण संघीय चातुर्विध संघ के पावन आराध्य राष्ट्रसंत पूज्य डॉ. श्री शिवमुनि जी महाराज साहब का 85 वाँ प्रकाशोत्सव 17 एवं 18 सितम्बर 2026 को मुख्य श्री पुण्डरीक पर शब्द, बौद्ध, संघीय एकता और संघवंशक गौरव के साथ सम्पन्न हुआ। देश के विभिन्न प्रांतों से जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रांतीय पदाधिकारी, महिला एवं युवा प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि इस अवसर के साक्षी बने।
18 सितम्बर 2026अमृत महोत्सव प्रेरक फिल्म : 75 वर्षों की गौरवगाथा
अमृत महोत्सव प्रेरक फिल्म : 75 वर्षों की गौरवगाथा इतिहास केवल पढ़ा नहीं जाता, जब उसे जीवंत रूप में देखा जाता है, तब वह पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाता है। श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस द्वारा ‘75 वर्षों की गौरवगाथा’ विषय पर एक विशेष ‘अमृत महोत्सव प्रेरक फिल्म’ का निर्माण किया जा रहा है। यह फिल्म केवल एक डॉक्यूमेंट्री नहीं होगी, बल्कि श्रमण संघ की स्थापना से लेकर अमृत महोत्सव तक की प्रेरणादायी यात्रा, आध्यात्मिक विरासत, संगठना
75 वर्ष - 75 प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान
"75 वर्ष - 75 प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान" प्रेरणा का अभिनंदन - सेवा का सम्मान श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस द्वारा “75 वर्ष - 75 प्रेरक व्यक्तित्व सम्मान” का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष सम्मान योजना का उद्देश्य उन विभूतियों का अभिनंदन करना है, जिन्होंने अपने तप, त्याग, ज्ञान, सेवा, नेतृत्व एवं समर्पण से समाज, संस्कृति और मानवता की उत्कृष्ट सेवा की है।
जैन अनुसंधान केन्द्र की स्थापना
विरासत का संरक्षण-ज्ञान का संवर्द्धन-भविष्य का निर्माण "जिस समाज का इतिहास सुरक्षित रहता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।" श्रमण संघीय अमृत महोत्सव वर्ष केवल उत्सवों की श्रृंखला नहीं, बल्कि श्रमण संस्कृति की गौरवशाली विरासत को संरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक ऐतिहासिक अवसर है। इसी उद्देश्य से श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस द्वारा एक “जैन अनुसंधान केन्द्र” की स्थापना का संकल्प लिया गया है। यह केंद्र श्रमण संघ के इतिहास, दर्शन, साहित्य, सेवा, संगठनात्मक विकास ए